विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
हैं। छात्रों का कहना है कि राज्य का दर्जा न मिलने पर लद्दाख की संस्कृति, भाषा और पर्यावरण पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। उनका मानना है कि स्थानीय लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक सुरक्षा जरूरी है, ताकि लद्दाख की अनूठी पहचान सुरक्षित रहे। Clashes erupted in Leh. Noted environmental activist #SonamWangchuk along with others is on hunger strike from last 15 days demanding constitutional guarantees.#LehVisuals pic.twitter.com/E1wPzYgebP — Siddhant Anand (@JournoSiddhant) September 24, 2025 लेह में झड़प के बाद भड़का माहौल मंगलवार को लेह में हालात तब बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। चश्मदीदों के मुताबिक, नाराज छात्रों ने सीआरपीएफ की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन इससे तनाव और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों
ने “लद्दाख को राज्य बनाओ” और “वादाखिलाफी बंद करो” जैसे नारे लगाए, जिससे माहौल और गरमा गया। सुरक्षा बलों की तैनाती, आंदोलन तेज होने के संकेत झड़प के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल और सीआरपीएफ की तैनाती कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। छात्र नेताओं ने कहा है कि उनका आंदोलन फिलहाल शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अगर सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। आम नागरिकों और स्थानीय संगठनों के जुड़ने से यह विरोध अब व्यापक होता जा रहा है। Protest escalates into violent clashes with police in Leh as demonstrators enforced a shutdown to protest the Union Government and UT administration’s failure to honor a four-point agreement. People rallied in support of Sonam Wangchuk, whose hunger