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का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव का अभियान है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक हर स्तर पर उसे सहयोग मिले। डीबीटी प्रणाली के जरिए सीधे खातों में राशि भेजकर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की गई है। योजना की प्रमुख विशेषताएं महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि वर्ष 2017 से संचालित यह योजना बालिका जन्म को प्रोत्साहन देने, संस्थागत प्रसव बढ़ाने और बाल विवाह पर रोक लगाने में प्रभावी रही है। बालिका जन्म पर 11,000 रुपये की सहायता 12वीं
उत्तीर्ण कर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर 51,000 रुपये की सहायता उन्होंने कहा कि इस योजना से बेटियां आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने सपनों को साकार कर रही हैं। जिलेवार आंकड़े: ऊधम सिंह नगर अव्वल विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष 5,913 बालिकाओं को जन्म पर और 27,338 बालिकाओं को 12वीं उत्तीर्ण करने पर लाभ मिला। सबसे अधिक लाभार्थी ऊधम सिंह नगर जिले में दर्ज किए गए, जहां 1,372 जन्म और 4,772 इंटर पास बालिकाओं को सहायता मिली। इसके अलावा— नैनीताल: 1,012 जन्म, 3,196 इंटर पास देहरादून: 678 जन्म, 2,637 इंटर पास टिहरी: 485 जन्म,