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को निर्देशित किया है कि सभी जिलों में व्यापक और सघन अभियान चलाकर भूमि विवादों का निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विशेष अभियान के तहत सभी लंबित मामलों को एक माह की निर्धारित समय-सीमा के भीतर निपटाया जाए और अभियान की समाप्ति तक पेंडिंग मामलों को शून्य स्तर पर लाया जाए। सीएम धामी ने कहा कि भूमि विवाद सीधे तौर पर आम नागरिकों की समस्याओं से जुड़े होते हैं और कई बार ये कानून-व्यवस्था व सामाजिक सौहार्द को भी प्रभावित करते हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता
है कि इन विवादों का त्वरित, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान देने और किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार इस अभियान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा की जाएगी, ताकि तय लक्ष्यों को समय पर पूरा किया जा सके। समीक्षा के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ)