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देश की शान हैं। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा पर सतर्कता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए राज्य सरकार, केंद्र सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ पूर्ण समन्वय में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी सीमाएं हमारे सुरक्षाबलों की सहायता से पूरी तरह अभेद हैं और इनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने सीमा चौकियों की अवस्थापना सुविधाएं, संचार व्यवस्था, गश्त की व्यवस्था तथा जवानों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और
आवश्यक सुधारों हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने माणा जैसे सीमावर्ती गांवों को "प्रथम गांव" की संज्ञा दी है। जो राष्ट्र की सीमाओं और संस्कृति की पहली पहचान हैं। इन गांवों और सीमाओं की रक्षा में जुटे सभी जवानों का उन्होंने धन्यवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों से वार्ता भी की और उनकी समस्याओं, अनुभवों और ज़मीनी परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद