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मरीन कमांडो ने विशेष अभियान के तहत हेलीकॉप्टर से जहाज पर उतरकर उसे अपने कब्जे में ले लिया। रूस से तेल परिवहन के आरोप ब्रिटिश एजेंसी का आरोप है कि यह जहाज रूस की तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ का हिस्सा था, जिसका उपयोग पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल परिवहन के लिए किया जाता है। अजय पंत पर ‘रूस (सैंक्शंस) रेगुलेशंस 2019’ के तहत प्रतिबंधित तेल की आपूर्ति में भूमिका निभाने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट में पेशी, 16 जुलाई को अगली सुनवाई अजय पंत को साउथेम्प्टन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी। दोष सिद्ध होने पर
उन्हें अधिकतम 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। परिवार ने भारत सरकार से लगाई गुहार अजय पंत की पत्नी ऋतु पंत ने कहा कि उनके पति पिछले 15 वर्षों से समुद्री क्षेत्र में कार्यरत हैं और उनका रिकॉर्ड पूरी तरह साफ रहा है। उन्होंने दावा किया कि अजय केवल कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे थे और उनका किसी भी अवैध गतिविधि से व्यक्तिगत संबंध नहीं है। ऋतु पंत ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि उन सभी नाविकों का मुद्दा है, जिनके परिवार न्याय और सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सरकार ने मांगी रिपोर्ट, विदेश मंत्रालय से