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कब्जा करके बनाना पाया. अब इस मजार को ध्वस्त किया गया है. मजार के मलबे से कोई अवशेष नहीं मिले हैं. बताया जाता है कि सीएम हेल्प लाइन पोर्टल पर ऋषिकेश के रहने वाले पंकज गुप्ता ने इस मजार की एक शिकायत दर्ज की थी. जांच के बाद इसे अवैध पाया गया. जांच के लिए नगर प्रशासन द्वारा अवैध संरचना के भूमि संबंधी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए गए. देर रात राजस्व, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, दून अस्पताल प्रशासन और अन्य विभागों में इस बारे में जांच की गई. जिलाधिकारी सविन बंसल के मुताबिक: देहरादून के जिलाधिकारी ने बताया कि- इस अवैध मजार के बारे में बारीकी से जांच की गई. साथ ही दून
अस्पताल प्रशासन से इस बारे में आख्या मांगी गई. इसके बाद यहां के खादिम को नोटिस जारी किया गया था. लेकिन कोई दस्तावेज ना होने से अवैध मजार को हटाया गया है. देर रात नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, दून अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने मिलकर उक्त अवैध मजार के ध्वस्तीकरण का काम पूरा किया. -सविन बंसल, जिलाधिकारी, देहरादून- उत्तराखंड में 500 से ज्यादा अवैध मजारें हटाई जा चुकी हैं: गौरतलब है कि इन दिनों धामी सरकार ने उत्तराखंड में अवैध मजारों और मदरसों के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है. अब तक उत्तराखंड में 500 से अधिक अवैध मजारों पर बुलडोजर चलाया जा चुका है. इसके साथ ही 135 से ज्यादा