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अक्टूबर को आशुतोष रांका, सौरव दास और CJP के अन्य सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे। जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद वहां प्रवेश को लेकर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया था। पुलिस का आरोप है कि समूह ने निजी परिसर के रास्ते प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और बैरिकेड पार किए। इस दौरान कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया गया था। घटना के संबंध में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। इनमें एक मामला कनॉट प्लेस में प्रवेश से जुड़ा है, जबकि दूसरा जंतर-मंतर क्षेत्र में कथित तौर पर प्रवेश करने को लेकर दर्ज किया गया था।
अब दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच करेगी। 14 अक्टूबर को भेजे गए थे न्यायिक हिरासत में आशुतोष रांका और सौरव दास को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने उनकी हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी थी। यह अवधि 21 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। फिलहाल दोनों नेता तिहाड़ जेल में बंद हैं। हिरासत को हाईकोर्ट में दी चुनौती दोनों नेताओं ने अपनी हिरासत के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जमानत और जमानती प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज