विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
याचिका में कहा गया है कि 24 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया गया, जो तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो के जरिए झूठा और भ्रामक नैरेटिव गढ़ते हुए दुष्यंत गौतम को अंकिता भंडारी मामले से जोड़कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले की जांच के दौरान किसी भी जांच एजेंसी ने कभी दुष्यंत गौतम का नाम नहीं लिया। दुष्यंत गौतम ने याचिका में आरोप लगाया है कि अंकिता भंडारी मामले को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान पूरी तरह से फेक
न्यूज की श्रेणी में आता है और इसके माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। गौरतलब है कि हालिया वीडियो विवाद को लेकर उत्तराखंड पुलिस ने उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर के खिलाफ दुष्प्रचार के आरोप में कई एफआईआर दर्ज की हैं। उल्लेखनीय है कि सितंबर 2022 में उत्तराखंड के एक रिजॉर्ट में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने अंकिता पर एक मेहमान के साथ यौन संबंध बनाने का दबाव डाला था। पुलकित आर्य के पिता पूर्व में भाजपा से जुड़े रहे हैं।