विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
ही बैंक अवकाश रहेगा। इसके बाद 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित हड़ताल से शाखाओं में कामकाज बाधित होने की संभावना है। यूएफबीयू, जो बैंकिंग क्षेत्र के एक बड़े कर्मचारी वर्ग का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है, लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा संगठन ने पेंशन व्यवस्था में सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता (डीए) फार्मूला लागू करने तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) चुनने का विकल्प देने की भी मांग उठाई है। क्या हैं प्रमुख मांगें? यूएफबीयू की मांगों में प्रमुख रूप से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। इसके
साथ ही यूनियनें पेंशन में संशोधन और सुधार, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान डीए फार्मूला तथा एनपीएस कर्मचारियों को ओपीएस में शामिल होने का विकल्प देने की मांग कर रही हैं। इससे पहले भी संगठन अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन और हड़ताल कर चुका है। ग्राहकों पर क्या होगा असर? प्रस्तावित हड़ताल का असर आम बैंक ग्राहकों से लेकर कारोबारी संस्थानों तक पड़ सकता है। विशेष रूप से 30 सितंबर बैंकिंग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है, क्योंकि यह छमाही समापन (Half-Year Closing) का दिन होता है। ऐसे में बैंकिंग लेनदेन, चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी, सरकारी भुगतान और कई अन्य सेवाओं पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि एटीएम, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग