विशेष फोटो - टुडे न्यूज़ 9
गुरी और एहसान शेख हैं व तीन अन्य आतंकी पाकिस्तानी हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने नरसंहार के प्रत्यक्षदर्शियों व अन्य स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर तीन पाकिस्तानी आतंकियों के स्कैच जारी किए थे और इनकी पहचान सुलेमान शाह, आसिफ फौजी और अबु तल्हा के रूप में की थी। उसी दिन से आसिफ के नाम पर यह दावा किया था कि वह पाकिस्तानी सेना का सिपाही हो सकता है। पाकिस्तान में लश्कर और जैश से ली है ट्रेनिंग मामले की जांच कर रही सुरक्षा एजेंसियों ने जब इस मामले की कश्मीर और पुंछ में विगत कुछ वर्षों में हुए हमलों की कड़ियों के साथ जोड़कर जांच शुरू की, तो उनका ध्यान गगनगीर और बोटापथरी (गुलमर्ग) में हुए हमलों में लिप्त स्थानीय आतंकी जुनैद से मिली कुछ तस्वीरों की तरफ गया। जुनैद गत दिसंबर में श्रीनगर में मारा गया था। इन तस्वीरों में से एक में जुनैद के साथ मौजूद आतंकी का हुलिया काफी हद तक आसिफ फौजी से मिलता पाया गया, जबकि सुरक्षा एजेंसियां फोटो के आधार पर उसे मूसा हाशिम मानती हैं। मूसा भी गगनगीर हमले में जुनैद के साथ था। उसका
चेहरा वहां सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। मूसा और उसके साथियों के बारे में कहा जाता है कि वह पाकिस्तानी सेना द्वारा लश्कर और जैश के आतंकियों के लिए विशेष रूप से चलाए जाने वाले एक शिविर में ट्रेनिंग प्राप्त कर चुका है। इस शिविर में पाकिस्तानी सेना का स्पेशल स्ट्राइक ग्रुप जिसे एसएसजी कहते हैं, के अलावा पाकिस्तानी सेना के बैट दस्ते को प्रशिक्षित किया जाता है। पाकिस्तानी सेना के एलओसी पर सक्रिय बैट दस्तों में आतंकी कैडर भी शामिल रहता है। इसी आतंकी गुट ने किया था पुंछ और गगनगीर में हमला? सूत्रों ने बताया कि जुनैद के साथ काम कर चुके आतंकी, ओवरग्राउंड वर्करों को भी स्कैच और तस्वीरें दिखाई गई हैं। अगर हाशिम मूसा और आसिफ फौजी दोनों एक ही हैं तो फिर यह आतंकियों का वही दल है, जिसने दिसंबर 2023 में पुंछ की डेरा की गली में सैन्य दल पर हमला किया था। इसी दल ने बीते वर्ष बोटापथरी और गगनगीर में हमला किया था। हाशिम मूसा के बारे में कहा जाता है कि उसने राजौरी-पुंछ के रास्ते वर्ष 2023 में घुसपैठ की थी। वह