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को मार डाला था। तभी से पाकिस्तान के खिलाफ भारत की ओर से बड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी। ऑपरेशन सिंदूर से दहले पाकिस्तान की कायराना हरकत पहलगाम आतंकी हमले पर भारतीय सेनाओं के करारे जवाब से बौखलाई पाकिस्तानी सेना ने पुंछ, बारामुला, राजोरी जिले की नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास अग्रिम गांवों पर तोपों से मंगलवार पूरी रात भारी गोलाबारी की। पाकिस्तानी गोलाबारी में चार बच्चों समेत 15 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 57 लोग घायल हो गए। हालांकि, 12 मृतकों के नाम सामने आए हैं। तनाव के बीच आठ जिलों के स्कूल बंद रहे कई इलाकों में गोलाबारी बुधवार दोपहर करीब दो बजे तक चली। हमारे जवानों ने पाकिस्तान की हर हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया। सेना की जवाबी कार्रवाई में दर्जनों पाकिस्तानी चौकियां नष्ट हो गईं। तनाव को देखते हुए जम्मू संभाग के पांच और कश्मीर संभाग के तीन जिलों के स्कूल बंद रहे। जम्मू, श्रीनगर और लेह से हवाई सेवा एहतियात के तौर पर बंद रही। कटड़ा में हेलिकॉप्टर सेवा भी बंद कर दी गई। सभी सरकारी विभागों में अधिकारियों, कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। बौखलाहट में पाकिस्तान ने की गोलीबारी आतंक का फन जिस तरह से भारतीय जांबाजों ने कुचला उससे आतंकियों को पालने-पोसने वाली पाकिस्तानी सेना फुफकारने लगी। बौखलाहट में पुंछ जिले के कई सीमावर्ती गांवों को निशाना बनाया। एलओसी से सटे बालाकोट, मेंढर, मनकोट, कृष्णा घाटी, गुलपुर, केरनी और यहां तक कि पुंछ जिला मुख्यालय पर तोपों से गोलाबारी की। इससे दर्जनों घरों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। पाकिस्तान ने मंदिरों, गुरुद्वारों और मस्जिदों पर भी गोले दागे। बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में
सीमा पार से की गई गोलाबारी में पांच बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए। वहीं, राजोरी जिले के ठंडीकस्सी, इरा दा खेत्र, गंभीर ब्राह्मण आदि गांवों में पाकिस्तान ने गोले दागे। चार लोग घायल हुए हैं। पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास स्थित गुरुद्वारा साहिब को पाकिस्तान ने निशाना बनाया। चार लोगों की जान चली गई। पुंछ बस स्टैंड पर भी गोलाबारी हुई, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर चले लोग कुपवाड़ा जिले के करनाह सेक्टर में गोलाबारी के कारण कई घरों में आग लग गई। भारी गोलाबारी के कारण स्थानीय लोगों को पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तनाव के बीच अखनूर क्षेत्र से सीमावर्ती इलाकों के कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की ओर चले गए। अस्पताल, प्रशासन सब अलर्ट मोड पर प्रदेश में सभी अस्पताल, पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। सीमावर्ती जिलों के डीसी, सभी वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस और जिला अधिकारियों के साथ प्रदेश के बॉर्डर जिलों की स्थिति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी सभी जिला उपायुक्ताें से बात कर सीमावर्ती जिलों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा। 2018 के बाद सीमा पर सबसे ज्यादा नुकसान भारत और पाकिस्तान के बीच 25 फरवरी 2021 को संघर्ष विराम समझौता हुआ था। इसके बावजूद पाकिस्तान ने लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। संघर्ष विराम से पहले सीमा पार से होने वाली फायरिंग में सबसे बड़ा नुकसान वर्ष 2018 में हुआ था। तब सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी गोलाबारी में 30 नागरिकों की मौत हो गई थी। 2019 में 18 और 2020 में