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गंगा घाट’ बनाए जाएंगे। इन घाटों के निर्माण में पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग किया जाएगा और इन्हें हरियाली से सजाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे घाट न केवल नदी बल्कि पर्यावरण के लिए भी अनुकूल होते हैं। यह परियोजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हरिद्वार में शुरू की जाएगी। बैठक में अर्धकुंभ मेले के दौरान वेस्ट मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण और मौजूदा एसटीपी की क्षमता बढ़ाने को लेकर भी चर्चा की गई। सभी प्रस्तावों को विस्तृत समीक्षा के बाद एनएमसीजी को भेजा जाएगा, जहां अंतिम स्तर
पर परीक्षण के बाद स्वीकृति दी जाएगी। एनएमसीजी के निदेशक धीरज जोशी ने बताया कि अर्धकुंभ मेले से संबंधित कई प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनकी प्रारंभिक समीक्षा की जा चुकी है। ग्रीन घाटों की योजना पायलट प्रोजेक्ट के तहत तैयार की जा रही है, जिससे देशभर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाएगा। एसटीपी से जुड़े प्रस्तावों की भी गहन समीक्षा की जाएगी। अपर कुंभ मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि ग्रीन घाटों का प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग द्वारा तैयार किया गया है। वीआईपी घाट और सीसीआर घाट के पास इन घाटों