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योजनाएं साझा कीं। संस्थापक सदस्य डॉ. शहनवाज़ अहमद मलिक (एएमयू) ने “शिक्षा, संगठन और सशक्तिकरण” विषय पर बोलते हुए कहा कि अकादमी पिछले पांच वर्षों से समाज के सभी वर्गों के लिए ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही है और भविष्य में स्कूल, हॉस्पिटल और कोचिंग सेंटर जैसी संस्थाओं की स्थापना हेतु प्रतिबद्ध है। डॉ. रेहान असद (उपाध्यक्ष) ने पीलीभीत में अराईन समाज के ऐतिहासिक योगदान और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। श्री मोहम्मद यूसुफ (संस्थापक, हरियाली एनजीओ) ने पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति और सामाजिक सुधार के लिए ज़मीनी स्तर पर काम करने की आवश्यकता बताई। प्रो. मोहम्मद असद मलिक (प्रॉक्टर, जामिया मिल्लिया इस्लामिया) ने "साक्षरता से नेतृत्व" की बात रखते हुए युवाओं से मेहनत को सफलता की कुंजी बताया। वहीं श्री ज़ीशान मलिक (PCS), सहायक आयुक्त, जीएसटी, उत्तराखंड ने अकादमी के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए युवाओं से इससे जुड़ने की अपील की। श्री मोहम्मद ज़ाकिर
(निदेशक, कैपिटल ट्रेडर्स एंड इंजीनियरिंग, बरेली एवं अध्यक्ष, अकादमी) ने अकादमी के मिशन को सामूहिक आंदोलन में बदलने का आह्वान किया। कार्यक्रम में तीन प्रमुख पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं: क़ौम की पहचान, तंजीम और एक मंच की आवश्यकता वर्तमान सामाजिक परंपराएं और सुधार की ज़रूरतें पीलीभीत में अकादमी की सशक्त नींव और लर्निंग रिसोर्स सेंटर की स्थापना इन पैनल चर्चाओं का संचालन मोहम्मद दानिश मलिक द्वारा किया गया, जिसमें निम्नलिखित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए: श्री मोहम्मद नाज़िर (डीपीएम), श्री ज़िया उर रशीद, श्री एम.आर. मलिक, डॉ. मोहम्मद अफ़ाक़, श्री मोहम्मद नईम, श्री अनवर अनीस (कांग्रेस), श्री मतलूब अहमद (शिक्षक), हाफ़िज़ मोहम्मद तारिक, श्री शाहब अजमल, हाजी शाहिद पैगा, क़ारी आरिफ़ साहब, श्री इलियास अहमद, श्री मियां मोहम्मद मुनाज़िर, श्री मोहतशिम एडवोकेट, श्री विसालुद्दीन, श्री इज़हार अहमद (कैमोर), श्री मोहम्मद फ़रज़ान, सुहैल चिश्ती, वामिक एडवोकेट, जियारहमान गुड्डू, तसनीम मिसबाही, फुरकान मलिक। पैनल में अन्य विशिष्ट व्यक्तियों ने भी