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हटा दिया है। अब उनके प्रोफाइल में केवल "Member of Parliament (Lok Sabha), Sambalpur" और "Views are personal" जैसी जानकारी दिखाई दे रही है। इस बदलाव के बाद सोशल मीडिया पर उनके इस्तीफे को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। NEET विवाद और छात्र आंदोलन के बीच बड़ा फैसला बीते कई सप्ताह से NEET परीक्षा विवाद को लेकर देशभर में छात्र संगठन और अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून से लगातार धरना जारी था, जहां परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई जा रही थी। इसी आंदोलन के
दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। शुक्रवार को उनके अनशन समाप्त होने के बाद से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की अटकलें तेज हो गई थीं। ‘चलो संसद’ मार्च के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव 20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प के बाद आंदोलन ने और उग्र रूप ले लिया। इसके बाद विपक्षी दलों के साथ-साथ विभिन्न छात्र संगठनों ने भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और तेज कर दी थी। बदलते घटनाक्रम के बीच शनिवार को धर्मेंद्र