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और डेंजर लेवल 685 फीट है। यानी जलाशय महज 1.84 फीट की बढ़ोतरी के बाद चेतावनी स्तर को पार कर सकता है। वहीं नानक सागर जलाशय का जलस्तर 701 फीट तक पहुंच गया है, जबकि इसका वार्निंग लेवल 706 फीट निर्धारित है। एहतियात के तौर पर नानक सागर से 4,088 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है ताकि जलस्तर नियंत्रित रखा जा सके। इसके अलावा बौर और हरिपुरा जलाशयों में जलस्तर 789 फीट दर्ज किया गया है, जबकि दोनों का वार्निंग लेवल 792 फीट है। शारदा सागर में 605.05 फीट पानी रिकॉर्ड किया गया है, जबकि
चेतावनी स्तर 625 फीट है। वहीं तुमड़िया जलाशय का जलस्तर 840.30 फीट और धौरा जलाशय का 703.40 फीट दर्ज किया गया है, जो अपने-अपने वार्निंग लेवल के काफी करीब हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जलाशयों के गेट खोलने पड़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने नदी किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। जिले में कहां कितनी हुई बारिश (मिलीमीटर में) सोमवार रात 8