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गवर्नमेंट एस्टेट ठेकेदारी अबोलिशन एक्ट के तहत लीज रद्द होने के बावजूद, प्राग फार्म ने इस जमीन पर अपना दावा बनाए रखा। 2014 में, प्रशासन ने 1972 एकड़ जमीन पर कब्जा लिया था, और अब शेष 1914 एकड़ जमीन को सरकारी नियंत्रण में लाया गया है। कार्रवाई का विवरण एडीएम कौस्तुभ मिश्रा के कुशल नेतृत्व में, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने किच्छा तहसील में प्राग फार्म की जमीन पर पिलर लगाए और "यह जमीन सरकारी है" के बोर्ड स्थापित किए। प्राग फार्म के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा कर अवैध कब्जे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। मिश्रा की रणनीतिक योजना और कानूनी विशेषज्ञता ने सुनिश्चित किया कि यह कार्रवाई बिना किसी व्यवधान के पूरी हो। प्रमुख बिंदु: कानूनी आधार: हाईकोर्ट के 13 अगस्त 2025 के फैसले ने
प्रशासन को कार्रवाई का स्पष्ट अधिकार प्रदान किया। सुरक्षा व्यवस्था: किसी भी संभावित विरोध को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक दक्षता: मिश्रा के नेतृत्व में जमीन की पैमाइश और सीमांकन कर इसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। एडीएम कौस्तुभ मिश्रा का योगदान इस कार्रवाई की सफलता का आधार रहा। उनकी रणनीतिक दृष्टि, कानूनी समझ, और समन्वय कौशल ने इस जटिल मामले को प्रभावी ढंग से हल किया। मिश्रा ने राजस्व विभाग और अन्य हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया कि कार्रवाई कानून के दायरे में और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। उनकी सक्रियता ने स्थानीय समुदाय में प्रशासन के प्रति विश्वास को और मजबूत किया। तहसीलदार ने की मुनादी प्राग फार्म की 1914 एकड़ जमीन पर पिलर लगाने के बाद एडीएम कौस्तुभ मिश्रा