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एडीएम ने न केवल उन्हें और नगर पंचायत अध्यक्ष को नजरअंदाज किया, बल्कि "गेट आउट" जैसे शब्द कहे और बेहद असभ्य भाषा का प्रयोग किया। सांसद का दावा है कि उन्होंने दोपहर 1 बजे अधिकारी से संपर्क किया, लेकिन एडीएम ने लंच का बहाना बनाकर मिलने से इनकार कर दिया। बाद में जब वह स्वयं कार्यालय पहुंचीं, तो अधिकारी ने कहा, “यह मेरा ऑफिस है, मैं मालिक हूं, जो चाहूं करूंगा।” जब सांसद ने इस पर आपत्ति जताई, तो एडीएम ने इसे "टंग ऑफ स्लिप" बताकर बात को टालने की कोशिश की। सांसद की शिकायत, जांच के आदेश सांसद इकरा हसन ने इस पूरे मामले की शिकायत प्रमुख सचिव और मंडलायुक्त से की है। शिकायत के आधार
पर जिलाधिकारी को जांच के आदेश दिए गए हैं। डीएम अब मामले की जांच कर कमिश्नर को रिपोर्ट सौंपेंगे। वहीं, इस प्रकरण को लेकर अब राजनीतिक हलकों में भी बयानबाजी शुरू हो गई है। कौन हैं एडीएम संतोष बहादुर सिंह? संतोष बहादुर सिंह, 2011 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 24 जुलाई 1974 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी सेवाएं आगरा, रामपुर, मुरादाबाद, मेरठ, गाजियाबाद, बांदा और बरेली जैसे जिलों में दी हैं। 15 मई 2025 को उन्हें सहारनपुर में एडीएम (वित्त) के पद पर तैनात किया गया था। एडीएम ने लगाए गए आरोपों को किया खारिज विवाद के बाद एडीएम संतोष बहादुर सिंह का भी बयान सामने आया है। उन्होंने