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परिजनों के मुताबिक, नवीन ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई बागेश्वर में पूरी की। इसके बाद उन्होंने हल्द्वानी से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया और रोजगार की तलाश में दुबई चले गए। करीब तीन साल पहले दुबई में ही उनकी मुलाकात थाईलैंड की रहने वाली मोराया से हुई। शुरुआत में दोनों के बीच दोस्ती हुई। समय के साथ यह रिश्ता गहरा होता गया और दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया। इसके बाद उनकी प्रेम कहानी का खूबसूरत पड़ाव हल्द्वानी में देखने को मिला, जहां दोनों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शादी कर ली। हल्द्वानी में कुमाऊंनी परंपरा के अनुसार संपन्न हुआ विवाह नवीन का पैतृक गांव उडल दूरस्थ
क्षेत्र में होने और परिवार के सदस्यों के साथ विदेशी मेहमानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विवाह के लिए उनकी बहन के देवलचौड़ स्थित घर को चुना गया। 19 अक्टूबर को घर पर पारिवारिक रस्में निभाई गईं, जबकि 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर कुमाऊंनी पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह संपन्न कराया। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मोराया और नवीन ने एक-दूसरे को जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। अंग्रेजी ट्रांसलेटर की मदद से समझीं शादी की रस्में मोराया के लिए कुमाऊंनी विवाह की परंपराएं नई थीं। भाषा अलग होने के बावजूद उन्होंने भारतीय संस्कृति और विवाह की रस्मों को समझने में गहरी रुचि