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उन्होंने दीप प्रज्वलित कर रामलीला मंचन का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्शों और नगर की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। किच्छा की ऐतिहासिक विरासत को पहचान दिलाने की बात कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विवेक दीप सिंह ने कहा कि किच्छा ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक विरासत से समृद्ध नगर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में बाहरी जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के चलते यहां के प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब को अपेक्षित पहचान और संरक्षण नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को उचित सम्मान दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। जनता के विश्वास और सहयोग से किच्छा की आवाज शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाई जाएगी, ताकि नगर की ऐतिहासिक पहचान
को मजबूती मिल सके। मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा प्रस्ताव विवेक दीप सिंह ने कहा कि किच्छा के प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब को मानसखंड मंदिर माला मिशन से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से धार्मिक स्थलों के संरक्षण, सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम किया जा सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी। साथ ही किच्छा की सांस्कृतिक पहचान को प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकेगी। रामलीला को बताया सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रामलीला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विवेक दीप सिंह