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लिए परलाखेमुंडी में एक किराए के मकान में रहने लगीं। लेकिन जब बेटी बड़ी हुई, तो वह अपने से उम्र में काफी बड़े दो युवकों – मंदिर के पुजारी गणेश रथ (21) और दिनेश साहू (20) के संपर्क में आ गई। मां राजलक्ष्मी को ये संबंध मंजूर नहीं थे, जिससे दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा। इसी गुस्से में लड़की ने रथ और साहू के साथ मिलकर राजलक्ष्मी की हत्या की साजिश रच दी। नींद की गोलियां देकर गला घोंटा पुलिस के मुताबिक, 29 अप्रैल की रात लड़की ने अपनी मां को धोखे से नींद की गोलियां खिला दीं। जब वह बेहोश हो गईं, तो उसने दोनों प्रेमियों को घर
बुलाया और तकिए से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। फिर उसे अस्पताल ले जाकर बताया गया कि मां की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। राजलक्ष्मी को पहले से दिल की बीमारी थी, इसलिए किसी को शक नहीं हुआ। मोबाइल से खुली साजिश की परतें सब कुछ शांत था, लेकिन लगभग दो हफ्ते बाद राजलक्ष्मी का भाई सिबा प्रसाद मिश्रा को लड़की का मोबाइल फोन भुवनेश्वर में मिला। जब फोन खंगाला गया तो उसमें इंस्टाग्राम पर लड़की और युवकों की बातचीत मिली, जिसमें पूरे मर्डर प्लान की बातें और सोने के गहनों की लेनदेन की जानकारी थी। इसके बाद मिश्रा ने 14 मई को परलाखेमुंडी पुलिस स्टेशन