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के सच्चे साधक थे। उनकी लेखनी में पर्वतों जैसी दृढ़ता और गंगा जैसी गहराई थी। उन्होंने सिखाया कि शब्द भी राष्ट्र निर्माण के सशक्त माध्यम बन सकते हैं। ## उत्तराखंड की साहित्यिक विरासत पर कही ये बात मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राचीन काल से ही ज्ञान, रचनात्मकता और संस्कृति का केंद्र रहा है। यहां के ऋषियों ने अनेक महान ग्रंथों की रचना की, जबकि प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य ने हमेशा लेखकों, कवियों और विचारकों को प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज के मूल्यों, विचारों और सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सीएम धामी ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा देने में लेखकों, कवियों और रचनाकारों का
अहम योगदान रहा है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के दौरान भी साहित्यकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि लेखक और रचनाकार केवल शब्दों के सृजनकर्ता नहीं, बल्कि समाज के चिंतक और मार्गदर्शक भी होते हैं। ## साहित्यकारों को सम्मान और अनुदान दे रही सरकार मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश के उत्कृष्ट साहित्यकारों को उत्तराखंड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफटाइम अचीवमेंट जैसे पुरस्कारों के माध्यम से सम्मानित किया जा रहा है। इसके साथ ही हिंदी सहित विभिन्न स्थानीय भाषाओं में पुस्तकों और ग्रंथों के प्रकाशन के लिए साहित्यकारों को अनुदान