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रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी दिहाड़ी मजदूर हैं और नशे की लत के शिकार रहे हैं, हालांकि उनके खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। पुलिस ने इनके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसमें सेना की गतिविधियों और वायुसेना अड्डे की तस्वीरें मौजूद थीं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने पाकिस्तान में बैठे अपने संपर्कों को महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों की लोकेशन पहले ही भेज दी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "जांच में बरामद यह मोबाइल डिवाइस अन्य सहयोगियों की पहचान में मदद कर सकता है। हम हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेंगे, ताकि उसके पाकिस्तान से संबंधों का खुलासा हो सके।" पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने इन गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा
कि आरोपियों के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। अमृतसर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पलक शेर मसीह और सुरज मसीह, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में हैं और भारत के संवेदनशील सैन्य ठिकानों की जानकारी लीक कर रहे हैं। उन्होंने बताया, “दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में डाटा बरामद हुआ है। इनका एक और साथी हरप्रीत, इन्हें ISI से जोड़ने वाला लिंक था, जिसे हम जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाएंगे। उसके खिलाफ पहले से एक नशा तस्करी का मामला दर्ज है।” SSP मनिंदर सिंह ने बताया कि जासूसी के इस मामले में एफआईआर ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज की गई