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राम जी ने बताया कि यह घटना 14 मई की रात करीब 2 बजे की है, जब वे कुछ वेबसाइट्स की साइबर सुरक्षा का विश्लेषण कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने NASA की साइट पर एक तकनीकी खामी देखी। उन्होंने बिना किसी नुकसान के उस खामी की पहचान की और NASA को ईमेल के जरिए इसकी रिपोर्ट भेजी। 19 मई को NASA ने उस खामी की पुष्टि की और उसी दिन उन्हें ‘हॉल ऑफ फेम’ में शामिल करने की सूचना दी। 50+ वेबसाइटों में खोज चुके हैं खामियां यह पहला मौका नहीं है जब राम जी ने किसी बड़ी संस्था की वेबसाइट में खामी
पकड़ी हो। अब तक वह 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की साइट्स में साइबर वल्नरेबिलिटी का पता लगा चुके हैं। इनमें भारत सरकार की कई वेबसाइटें भी शामिल हैं। उनका उद्देश्य नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि संस्थाओं को समय रहते चेतावनी देना है, ताकि साइबर हमलों से बचा जा सके। AI इनोवेशन में भी चमका रहे नाम राम जी केवल एथिकल हैकर ही नहीं हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भी नवाचार कर रहे हैं। उन्हें भारत सरकार के MeitY द्वारा “Youth for Unnati and Vikaas with AI” कार्यक्रम के तहत टॉप 50 AI सॉल्यूशन्स में भी चुना जा चुका