रामनगर/अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र में आयोजित एक बहुउद्देशीय सरकारी शिविर के दौरान भाजपा नेताओं के बीच हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम से जुड़ा है।

बुधवार 18 फरवरी को न्याय पंचायत मछोड़ स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में लगाए गए शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए थे और मौके पर ही लाभार्थियों का पंजीकरण भी किया जा रहा था।
चाय-पानी को लेकर शुरू हुआ विवाद
इसी दौरान सल्ट के विधायक Mahesh Jeena और जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के लिए की गई चाय-पानी की व्यवस्था को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते तीखी बहस में बदल गया।
विधायक निधि पर लगाए आरोप
जिला पंचायत सदस्य हंसा नेगी ने विधायक निधि के खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए आरटीआई के आधार पर अनियमितता के आरोप लगाए। उनका दावा है कि 10,500 रुपये की दरी, 8,000 रुपये की ढोलक और 2,500 रुपये के चिमटे की खरीद दर्शाई गई, जिन्हें वितरण में शामिल बताया गया। हालांकि, इन आरोपों पर अभी तक आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
विधायक का पक्ष
विधायक Mahesh Jeena ने विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला पंचायत सदस्य ने कार्यक्रम स्थल के अंदर ही खाने-पीने की व्यवस्था की थी, जिस पर प्रशासन ने आपत्ति जताई और व्यवस्था को बाहर करने के निर्देश दिए। उनके अनुसार, इसी के बाद अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया और इसे राजनीतिक लाभ के लिए उछाला गया।
नेगी ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, हंसा नेगी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिविर में दूर-दराज से लोग पहुंचे थे, जिनके लिए जनसहयोग से चाय-पानी की व्यवस्था की गई थी। उनका कहना है कि इस व्यवस्था का गलत तरीके से विरोध किया गया।





