Thursday, February 19, 2026
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कैंची धाम ट्रस्ट की पारदर्शिता पर हाईकोर्ट सख्त, करोड़ों के चढ़ावे पर 4 हफ्ते में मांगा जवाब

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नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध Kainchi Dham मंदिर में कथित अव्यवस्थाओं और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है। पिथौरागढ़ निवासी एक भक्त की शिकायत के आधार पर मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने राज्य सरकार, नैनीताल जिलाधिकारी, एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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चढ़ावे और संपत्ति का ब्यौरा मांगा

सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिवक्ता धर्मेंद्र बर्थवाल को न्यायमित्र नियुक्त किया। कोर्ट ने सभी पक्षकारों से ट्रस्ट की आय-व्यय, चढ़ावे और संपत्तियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल

पिथौरागढ़ निवासी ठाकुर सिंह डसीला द्वारा भेजे गए पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए अदालत ने कहा कि ट्रस्ट से संबंधित मूलभूत जानकारी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि करोड़ों रुपये के वार्षिक चढ़ावे के बावजूद ट्रस्ट का नाम, पंजीकरण, कार्यालय का पता, ट्रस्टियों की संख्या और नियुक्ति संबंधी विवरण प्रशासनिक अभिलेखों में स्पष्ट नहीं हैं। विदेशी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए एफसीआरए, लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक न किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

सरकारी नियंत्रण की मांग

याचिका में मांग की गई है कि मंदिर ट्रस्ट को Jageshwar Dham और Badrinath-Kedarnath Temple Committee की तर्ज पर सीमित सरकारी निगरानी में लाया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि धार्मिक ट्रस्टों का पंजीकरण भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के तहत होता है, इसलिए वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट और संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

बाबा नीम करौली द्वारा स्थापित धाम

कैंची धाम की स्थापना संत Neem Karoli Baba ने की थी। यह मंदिर नैनीताल जिले में स्थित है और हर वर्ष स्थापना दिवस पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

कैसे पहुंचे कैंची धाम?

कैंची धाम पहुंचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जबकि प्रमुख रेल स्टेशन हल्द्वानी और काठगोदाम हैं। इन स्थानों से बस, टैक्सी या निजी वाहन से मंदिर तक पहुंचा जा सकता है। नैनीताल से यह धाम लगभग 30–45 मिनट की दूरी पर स्थित है।

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